विवेक त्रिपाठी स्टेट हेड चाणक्य न्यूज इंडिया उत्तराखंड 23 साल की ऐसी ग्राम प्रधान, जिसने BTech पूरी करते ही शहर की नौकरी नहीं… बल्कि अपने गांव की जिम्मेदारी संभाली 👏❤️
विवेक त्रिपाठी स्टेट हेड चाणक्य न्यूज इंडिया उत्तराखंड
23 साल की ऐसी ग्राम प्रधान, जिसने BTech पूरी करते ही शहर की नौकरी नहीं… बल्कि अपने गांव की जिम्मेदारी संभाली 👏❤️
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के पाबौ ब्लॉक स्थित कुई गांव की 23 वर्षीय साक्षी रावत आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। BTech की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने बड़े शहरों का रुख करने के बजाय अपने गांव लौटकर ग्राम प्रधान की जिम्मेदारी संभाली। बेहद कम उम्र में नेतृत्व की कमान संभालते हुए वे गांव के विकास की नई कहानी लिख रही हैं।
पिछले पंचायत चुनाव में उत्तराखंड के कई गांवों ने युवा नेतृत्व पर भरोसा जताया था। चमोली की प्रियंका नेगी, टिहरी की शिवानी राणा और पौड़ी की साक्षी रावत जैसे युवा चेहरे इसकी मिसाल हैं। साक्षी अब अपने कार्यकाल का एक वर्ष सफलतापूर्वक पूरा कर चुकी हैं और लगातार विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही हैं।
साक्षी का कहना है कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता गांव के युवाओं को रोजगार से जोड़ना, शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना है। उनका मानना है कि अगर पंचायत स्तर पर योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन हो, तो पहाड़ के गांवों की तस्वीर बदली जा सकती है।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड के पहाड़ों की सबसे बड़ी समस्या पलायन है। रोजगार, स्वास्थ्य और बेहतर शिक्षा की कमी के कारण युवा गांव छोड़ने को मजबूर हैं। उनका प्रयास है कि गांव में ही रोजगार के अवसर विकसित किए जाएं ताकि लोग अपने घर-परिवार के साथ रहकर बेहतर जीवन जी सकें।
साक्षी ने बताया कि छात्र संख्या कम होने के कारण उनके गांव का स्कूल भी बंद हो चुका है। आज गांव में ज्यादातर बुजुर्ग रह गए हैं, जबकि युवा रोजगार की तलाश में बाहर चले गए हैं। उनका सपना है कि आने वाले समय में गांव फिर से बच्चों की आवाज़ और युवाओं की ऊर्जा से आबाद हो।
वे मानती हैं कि बच्चों का विकास केवल किताबों तक सीमित नहीं होना चाहिए। पढ़ाई के साथ खेल और सांस्कृतिक गतिविधियां भी जरूरी हैं। इसी सोच के तहत उन्होंने गांव में आधुनिक खेल मैदान और खेल सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव विभिन्न विभागों को भेजा है। स्वीकृति मिलने के बाद बच्चों और युवाओं के लिए खेल सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी।
साक्षी रावत के नवाचार और नेतृत्व की सराहना राष्ट्रीय स्तर पर भी हो रही है। उन्हें अब तक तीन बार दिल्ली आमंत्रित किया जा चुका है। उन्हें लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA), मसूरी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे IAS अधिकारियों से संवाद करने का अवसर भी मिला, जहां उन्होंने ग्रामीण विकास और पहाड़ों की चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए।
जिला पंचायत राज अधिकारी के अनुसार, आज के युवा ग्राम प्रधान नई सोच और आधुनिक दृष्टिकोण के साथ काम कर रहे हैं। साक्षी रावत को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए गणतंत्र दिवस और अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर भी विशेष रूप से सम्मानित और आमंत्रित किया जा चुका है।
आज साक्षी रावत सिर्फ अपने गांव की ग्राम प्रधान नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की उन बेटियों की प्रेरणा हैं जो बदलाव का सपना देखती हैं।
