गोंडा से जिला रिपोर्टर वैभव शुक्ला की रिपोर्ट मां की सम्पत्ति में धोखाधड़ी का आरोप
मां की संपत्ति की वसीयत में धोखाधड़ी का आरोप, न्याय न मिलने पर पीड़ित ने दी आत्महत्या की चेतावनी
गोंडा। उत्तर प्रदेश के गोंडा जनपद की ग्राम सभा लिलौई से एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम सभा लिलौई निवासी सत्यदेव मिश्रा ने अपनी मां की चल-अचल संपत्ति की कथित वसीयत में जालसाजी और धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए पुलिस एवं प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़ित सत्यदेव मिश्रा के अनुसार, उनकी मां की तबीयत और मानसिक स्थिति पिछले कई दिनों से खराब चल रही थी। वह अपनी मां का इलाज करा रहे थे और इसी दौरान वह काफी परेशान थे। पीड़ित का आरोप है कि उनकी बहन मीना, उनके कथित प्रेमी अशोक उर्फ पूरन उपाध्याय तथा पूरन उपाध्याय के भाई राकेश उपाध्याय पुत्र राम कुमार उपाध्याय, निवासी साधुगंज चौराहा, ग्राम सभा चंगेरी, ने कथित रूप से उनकी मां की स्थिति का फायदा उठाकर जालसाजी एवं धोखाधड़ी के जरिए उनकी मां की चल-अचल संपत्ति का वसीयतनामा करा लिया।
सत्यदेव मिश्रा का कहना है कि वह अपने माता-पिता के इकलौते वारिस हैं। उनका आरोप है कि जब वह अपनी मां के इलाज में व्यस्त थे, उसी दौरान उनके साथ धोखाधड़ी कर उनकी मां की जमीन और अन्य संपत्ति की वसीयत करा ली गई। पीड़ित ने इस पूरी प्रक्रिया की जांच कराने और कथित वसीयतनामा की सत्यता की जांच की मांग की है।
पीड़ित ने यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। उनका कहना है कि धमकियों के डर से वह अपना घर छोड़कर इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। सत्यदेव मिश्रा के मुताबिक, उन्होंने इस मामले को लेकर पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों को कई बार प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई, लेकिन उनके अनुसार अब तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
पीड़ित का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होने से वह बेहद परेशान और निराश हैं। अब उन्होंने अपनी फरियाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष रखने की बात कही है। सत्यदेव मिश्रा ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री के स्तर से भी उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या जैसा कदम उठाने के लिए मजबूर हो सकते हैं।
पीड़ित के इस बयान के बाद मामला बेहद गंभीर हो गया है। ऐसे में प्रशासन के सामने पीड़ित की शिकायत की निष्पक्ष जांच कराने के साथ-साथ उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी जिम्मेदारी है। वसीयतनामा किन परिस्थितियों में कराया गया, उस समय उनकी मां की वास्तविक स्थिति क्या थी और दस्तावेजों में किसी प्रकार की धोखाधड़ी या जालसाजी हुई या नहीं—इन सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।
महत्वपूर्ण: इस खबर में लगाए गए आरोप पीड़ित सत्यदेव मिश्रा के बयान और उनके द्वारा बताए गए तथ्यों पर आधारित हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। संबंधित पक्षों का पक्ष और जांच के बाद सामने आने वाले तथ्य ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेंगे।
प्रशासन से मांग करता है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच की जाए, पीड़ित की शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई हो और यदि उसे किसी प्रकार का खतरा है तो उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
