दिनांक 26 अक्टूबर 2026 को शरद पूर्णिमा पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित साथियों सहित चित्रकूट भ्रमण व कामदगिरि पर्वत का परिक्रमा कर कामतानाथ मंदिर में जाकर भगवान कामतानाथ के दर्शन किए
लोकेशन- बांदा उत्तर प्रदेश
संवादाता -मोहम्मद हुसैन ब्यूरो चीफ
बांदा(उप्र), दिनांक 26 अक्टूबर 2026 को शरद पूर्णिमा पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित साथियों सहित चित्रकूट भ्रमण व कामदगिरि पर्वत का परिक्रमा
कर कामतानाथ मंदिर में जाकर भगवान कामतानाथ के दर्शन किए एवम् छोटे महंत स्वामी मदनगोपाल दास महराज से आशीर्वाद प्राप्त किया।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने मीडिया से रूबरू होते हुए बतलाया कि “चित्रकूट में कामदगिरि पर्वत का सनातन धर्म और रामायण काल में अत्यधिक धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। मुख्य महत्व और मान्यताएँ है कि-
• कामनाओं को पूरा करने वाला पर्वत: ‘कामदगिरि’ शब्द का अर्थ है—ऐसा पर्वत जो सभी इच्छाओं और कामनाओं को पूरा करता है।
• भगवान राम की तपोस्थली: मान्यता है कि भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी ने अपने 14 वर्ष के वनवास का अधिकांश समय (लगभग 11 वर्ष) इसी पर्वत पर बिताया था।
• भगवान कामतानाथ का निवास: इस पर्वत के प्रमुख देवता भगवान कामतानाथ हैं। ऐसा माना जाता है कि स्वयं भगवान राम इस पर्वत के रूप में यहाँ विराजमान हैं।
• 5 किलोमीटर की परिक्रमा: श्रद्धालु और भक्त कामदगिरि पर्वत की लगभग 5 किलोमीटर लंबी पक्की परिक्रमा करते हैं। इस परिक्रमा को पूरा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और संकट दूर होते हैं।
• चारों दिशाओं के द्वार: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनुषाकार कामदगिरि पर्वत के चार द्वारों पर अलग-अलग देवताओं का पहरा है—उत्तर में कुबेर, दक्षिण में धर्मराज, पूर्व में इंद्र और पश्चिम में वरुण देव।
शरद पूर्णिमा के अवसर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित के साथ चित्रकूट भ्रमण व कामदगिरि पर्वत चित्रकूट परिक्रमा कर कामतानाथ भगवान के दर्शन तथा छोटे महंत स्वामी मदनगोपाल दास महराज से आशीर्वाद प्राप्त करने में बांदा कांग्रेस सोशल मीडिया जिलाध्यक्ष सन्तोष कुमार द्विवेदी, अजय शुक्ला, गौरव शुक्ला, तारबाबू अवस्थी, शिवप्रसाद शुक्ला, लालबाबू राजपूत शामिल रहे।
