विवेक त्रिपाठी स्टेट हेड चाणक्य न्यूज इंडिया उत्तराखंड उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में जहां खेती को आज भी कठिन और सीमित आय का साधन माना जाता है, वहीं 90 वर्षीय सगत सिंह मेहरा ने अपनी मेहनत, दूरदर्शिता औ
विवेक त्रिपाठी स्टेट हेड चाणक्य न्यूज इंडिया उत्तराखंड
उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में जहां खेती को आज भी कठिन और सीमित आय का साधन माना जाता है, वहीं 90 वर्षीय सगत सिंह मेहरा ने अपनी मेहनत, दूरदर्शिता और अटूट संकल्प से इस सोच को बदल दिया। आज वे पूरे प्रदेश में ‘कीवी मैन’ के नाम से प्रसिद्ध हैं और उनकी सफलता यह साबित करती है कि मजबूत इरादों के साथ पहाड़ों में भी आधुनिक खेती से समृद्धि लाई जा सकती है।
जब देश में कीवी जैसे विदेशी फल की खेती पर बहुत कम लोग भरोसा करते थे, तब सगत सिंह मेहरा ने साहसिक फैसला लेते हुए इसकी खेती शुरू की। पहाड़ की कठिन जलवायु, सीमित संसाधन और तकनीकी जानकारी की कमी जैसी चुनौतियां उनके सामने थीं। शुरुआती वर्षों में उन्हें कई असफलताओं का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय हर अनुभव से सीख ली और खेती की अपनी तकनीकों को लगातार बेहतर बनाया।
आज उनकी कीवी खेती न केवल आर्थिक रूप से सफल है, बल्कि सैकड़ों किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है। उन्होंने यह साबित कर दिया कि यदि किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर वैज्ञानिक सोच और बाजार की मांग के अनुसार फसलें उगाएं, तो पहाड़ों म
