उत्तराखंड STF का अब तक का सबसे बड़ा और खौफनाक खुलासा: एक ही ‘फर्जी लाइसेंस नंबर’ पर खरीद डाले दो-दो घातक हथियार; काशीपुर से पलविंदर सिंह गिरफ्तार, STF का खुला अल्टीमेटम— ‘सरेंडर करो वरना दरवाजा तोड़ेंगे!’
देहरादून/काशीपुर (Aapki Media): अवैध हथियारों और फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारकों के खिलाफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कड़े निर्देशों पर काम कर रही उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर के महा-फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया है। “ऑपरेशन प्रहार” के तहत ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए एसटीएफ की स्पेशल टीम ने ऊधमसिंहनगर जिले के काशीपुर से एक बेहद शातिर अभियुक्त को भारी मात्रा में अवैध असलहों, जिंदा कारतूसों और कूटरचित (फर्जी) दस्तावेजों के साथ रंगे हाथों दबोच लिया है।
इस सिंडिकेट के नेटवर्क की गंभीरता और व्यापकता इतनी डरावनी है कि अब यह पूरा प्रकरण राष्ट्रीय स्तर की सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी बड़ी जांच का विषय बन चुका है।
🤯 एक तीर से दो शिकार: एक ही लाइसेंस नंबर पर चल रहा था खूनी खेल!
एसटीएफ की जांच में जो सबसे चौंकाने वाला सच सामने आया है, उसने सुरक्षा महकमे को भी हिलाकर रख दिया है:
📑 डबल गेम का पर्दाफाश: गिरफ्तार अभियुक्त ने एक ही फर्जी शस्त्र लाइसेंस नंबर का इस्तेमाल करके दो अलग-अलग कूटरचित (जाली) लाइसेंस तैयार करवाए थे।
🔫 खरीद डाले दो घातक हथियार: इसी एक फर्जी नंबर के खेल के दम पर आरोपी ने नियमों को ताक पर रखकर दो बड़े और प्रतिबंधित बोर के हथियार भी खरीद लिए और सालों से इन्हें अवैध रूप से अपने पास छिपाकर रखा हुआ था।
⚖️ गिरफ्तार अभियुक्त और उसके पास से बरामद मौत का सामान:
एसटीएफ की सटीक और प्रभावी दबिश के दौरान मौके से गिरफ्तार आरोपी की कुंडली और बरामदगी इस प्रकार है:
👤 अभियुक्त का नाम: पलविन्दर सिंह पुत्र स्व० धर्मसिंह (उम्र 46 वर्ष), निवासी ग्राम कचनालगाजी, थाना काशीपुर, जनपद ऊधमसिंहनगर।
🪓 बरामद हथियार (Seized Arms):
01 सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल (.30 बोर) 💥
01 घातक राइफल (.315 बोर) 💥
04 जिंदा कारतूस (.30 बोर) और 04 जिंदा कारतूस (.315 बोर)
विवेक त्रिपाठी स्टेट हेड चाणक्य न्यूज इंडिया उत्तराखंड”ऑपरेशन प्रहार”
इस महा-अभियान के तहत उत्तराखंड एसटीएफ का हंटर अपराधियों पर कहर बनकर टूट रहा है: 13 गिरफ्तारियां: इस फर्जी शस्त्र लाइसेंस गैंग में अब तक कुल 13 बड़े खिलाड़ी और माफिया सलाखों के पीछे भेजे जा चुके हैं।
हथियारों का जखीरा: अब तक 19 अवैध और खतरनाक शस्त्र, 358 जिंदा कारतूस समेत बड़ी संख्या में फर्जी व संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस जब्त किए जा चुके हैं।
एसटीएफ का खुला और अंतिम अल्टीमेटम:
इस ऐतिहासिक खुलासे के बाद उत्तराखंड एसटीएफ ने राज्यभर के ऐसे सभी लोगों को सीधे शब्दों में चेतावनी जारी की है जिन्होंने फर्जी कागजात पर हथियार रखे हैं— “जितने भी फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारक हैं, वे स्वयं अपने हथियारों और लाइसेंस के साथ पुलिस या एसटीएफ के सामने तत्काल आत्मसमर्पण (Surrender) कर दें। अगर खुद नहीं आए, तो कानून का शिकंजा बहुत जल्द आपके घर का दरवाजा तोड़ेगा!अपराधियों को घुटनों पर लाने वाली जांबाज ‘एसटीएफ टीम’:
इस बेहद जटिल और खतरनाक ऑपरेशन को अंजाम देने वाले उत्तराखंड एसटीएफ के वीरों में निरीक्षक अरुण कुमार, निरीक्षक एम०पी० सिंह, उपनिरीक्षक प्रकाश भगत, हेड कांस्टेबल मोहित वर्मा, कांस्टेबल रवि बोरा, हेड कांस्टेबल चालक संजय कुमार, हेड कांस्टेबल मनोज बवाड़ी और हेड कांस्टेबल सुरेन्द्र कनवाल शामिल रहे, जिन्होंने ऑन-फील्ड बेहतरीन जांबाजी का परिचय दिया।
एक ही फर्जी लाइसेंस नंबर पर दो-दो हथियार खरीदकर रखने वाले इस खतरनाक खेल और उत्तराखंड एसटीएफ द्वारा 13वीं गिरफ्तारी कर दिए गए इस ‘परमानेंट सरेंडर अल्टीमेटम’ पर आपकी क्या राय है?
फर्जी शस्त्र लाइसेंस देश और राज्य की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक टाइम बम की तरह हैं, जिनका इस्तेमाल कभी भी किसी बड़ी वारदात या दंगों में किया जा सकता है।
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