BRO भ्रष्टाचार मामले में CBI की उत्तराखंड में ताबड़तोड़ कार्रवाई, पांच जिलों में छापेमारी से मची खलबली CBI की ओर से सीमा सड़क संगठन (BRO) में फर्जी कैजुअल मजदूर दिखाकर सरकारी धन के झोल के आरोपों में CBI ने बड़ी ताबड़तोड़ कार्रवाई की है।
इसके तहत एजेंसी ने उत्तराखंड समेत 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 26 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान उन्होंने अहम दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। बताया जा रहा है ये मामला रक्षा मंत्रालय की शिकायत के बाद दर्ज चार एफआईआर से जुड़ा है। मंगलवार को तड़के शुरू हुई इस कार्यवाही से संबंधित विभागों और ठेकेदारों में खलबली मच गई वहीं सीबीआई की टीम ने कई स्थानों पर दस्तावेजों की जांच की ओर महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में लिए।शहर और स्थानीय मार्गदर्शिका
विवेक त्रिपाठी स्टेट हेड चाणक्य न्यूज इंडिया उ
बता दें सीबीआई की अलग-अलग टीमों ने पिथौरागढ़ जिले समेत मुनस्यारी नैनीताल हरिद्वार और देहरादून जिले में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान निर्माण कार्यों से जुड़े दस्तावेज वितीय रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी जांच की गई। आवश्यक होने पर स्थानीय पुलिस का सहयोग भी लिया गया।शहर और स्थानीय मार्गदर्शिका द्वारा
उत्तराखंड के कुमाऊं रेंज में मुनस्यारी पिथौरागढ़ में छापेमारी (Uttarakhand CBI Action news)
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई BRO के कार्यों में कथित अनियमितताओं वितीय गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार की जांच के तहत की गई है। CBI ने इस मामले से लंबे समय से चल रही जांच के बाद एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी की। आरोप है कि लद्दाख में संचालित प्रोजेक्ट विजयक और प्रोजेक्ट योजक में फर्जी कैजुअल मजदूरों के नाम पर भुगतान दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। वहीं उत्तराखंड के कुमाऊं रेंज में मुनस्यारी पिथौरागढ़ और देहरादून की टीम ने कार्यालय आवास तथा कैंप ऑफिस खंगाली जबकि हरिद्वार और देहरादून में बाहरी राज्यों से सीबीआई की टीम ने जांच की।शहर और स्थानीय मार्गदर्शिका
उत्तराखंड समेत 11 राज्यों में एक साथ छापेमारी
CBI की टीमों ने जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, असम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में एक साथ 26 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। जिसमें कार्रवाई के दौरान कई दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए।
10 अधिकारी और निजी लोग भी जांच के दायरे में
CBI ने चारों मामलों में लेफ्टिनेंट कर्नल, मेजर और इंजीनियर रैंक के कुल 10 अधिकारियों के अलावा कुछ निजी व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया है। इन पर सरकारी धन के गबन, धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध करने के आरोप हैं।
