विवेक त्रिपाठी स्टेट हेड चाणक्य न्यूज इंडिया उत्तराखंड ⚖️ उत्तराखंड हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि केवल किसी दूसरे बैंक से मिले मैसेज या सूचना के आधार पर किसी ग्राहक का बैंक अकाउंट फ़्रीज़ नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि जब तक किसी सक्षम मजिस्ट्रेट या जांच करने वाली सक्षम अथॉरिटी का विधिवत आदेश न हो, तब तक बैंक के पास ग्राहक का अकाउंट फ़्रीज़ करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।

0
WhatsApp Image 2026-07-28 at 9.31.30 AM

विवेक त्रिपाठी स्टेट हेड चाणक्य न्यूज इंडिया उत्तराखंड
⚖️ उत्तराखंड हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि केवल किसी दूसरे बैंक से मिले मैसेज या सूचना के आधार पर किसी ग्राहक का बैंक अकाउंट फ़्रीज़ नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि जब तक किसी सक्षम मजिस्ट्रेट या जांच करने वाली सक्षम अथॉरिटी का विधिवत आदेश न हो, तब तक बैंक के पास ग्राहक का अकाउंट फ़्रीज़ करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।

यह फैसला जस्टिस आलोक महरा ने एक क्रिमिनल रिट याचिका की सुनवाई के दौरान सुनाया, जिसमें याचिकाकर्ता ने कोटक महिंद्रा बैंक, शिवालिक नगर शाखा, हरिद्वार में अपने अकाउंट को डी-फ़्रीज़ करने की मांग की थी। मामले में कोटक महिंद्रा बैंक ने स्वीकार किया कि उसने यस बैंक से मिली सूचना के आधार पर अकाउंट फ़्रीज़ किया था। यस बैंक का दावा था कि गलती से याचिकाकर्ता के खाते में ₹44 लाख ट्रांसफर हो गए थे।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ न तो कोई आपराधिक मामला दर्ज था और न ही किसी सक्षम मजिस्ट्रेट या जांच एजेंसी द्वारा अकाउंट फ़्रीज़ करने का कोई आदेश जारी किया गया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed