जल संरक्षण में बलौदाबाजार-भाटापारा की ऐतिहासिक उपलब्धि देश के शीर्ष-10 जिलों में 8वें स्थान पर, 2.46 लाख से अधिक वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण
जनभागीदारी बनी जल संरक्षण की ताकत, 10.78 लाख लोगों ने निभाई भागीदारी
बलौदाबाजार, 3 सितंबर 2026। वर्षा जल को सहेजने और भू-जल स्तर को मजबूत करने की दिशा में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जल शक्ति मंत्रालय के ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान के तीसरे चरण में जिला देश के शीर्ष 10 जिलों में शामिल हुआ है। जिले ने देश में 8वां स्थान हासिल कर जल संरक्षण के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है।
2 लाख 46 हजार से अधिक जल संचयन संरचनाएं
जिले में जल संरक्षण अभियान के तहत 2,46,488 वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण किया गया है। इन संरचनाओं के माध्यम से लगभग 5,146.30 लाख लीटर जल संचयन क्षमता विकसित की गई है। अभियान में 10,78,911 लोगों की प्रत्यक्ष भागीदारी दर्ज की गई है।
यह अभियान जिले के 736 गांवों, 519 ग्राम पंचायतों और 9 नगरीय क्षेत्रों तक पहुंचाया गया है।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय मंच पर साझा किए छत्तीसगढ़ के प्रयास
नई दिल्ली स्थित सुषमा स्वराज भवन में आयोजित जल शक्ति मंत्रालय के विभागीय शिखर सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के लिए किए जा रहे नवाचारों, सामुदायिक सहभागिता और जनभागीदारी आधारित प्रयासों की जानकारी राष्ट्रीय मंच पर साझा की। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
मुख्यमंत्री की मंशानुरूप कलेक्टर कुलदीप शर्मा के मार्गदर्शन में जिले में जल संरक्षण को केवल निर्माण कार्य तक सीमित न रखते हुए इसे जन आंदोलन का स्वरूप दिया गया।
‘मोर गांव-मोर पानी अभियान 3.0’ बना जनभागीदारी का मॉडल
जिले में ‘मोर गांव-मोर पानी अभियान 3.0’ के माध्यम से ग्राम पंचायतों, महिला समूहों, युवाओं, ग्रामीणों और विभिन्न विभागों को अभियान से जोड़ा गया। प्रधानमंत्री आवासों में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग, डबरी, चेकडैम, खेत एवं सामुदायिक जल संरचनाएं, नाला उपचार और गैबियन संरचनाओं सहित विभिन्न भू-जल पुनर्भरण कार्यों को प्राथमिकता दी गई।
विशेष रूप से प्रधानमंत्री आवासों के साथ रूफ वाटर हार्वेस्टिंग को जोड़कर वर्षा जल संरक्षण को घर-घर तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
‘हर घर पानी घर में’ की अवधारणा पर जोर
जिला प्रशासन ने जल संरक्षण को “हर घर पानी घर में, मोहल्ले का पानी मोहल्ले में, खेत का पानी खेत में और गांव का पानी गांव में” की अवधारणा से जोड़ा।
जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर जल चौपाल, रैलियां, रंगोली, दीप प्रज्वलन, महिला समूहों की गतिविधियां और सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
राष्ट्रीय पहचान सामूहिक प्रयासों का परिणाम
देश के शीर्ष 10 जिलों में बलौदाबाजार-भाटापारा का 8वां स्थान हासिल करना जिले के प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों और आम नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है। जिले में तैयार की गई जल संरक्षण संरचनाएं और व्यापक जनभागीदारी यह संदेश देती है कि स्थानीय संसाधनों, प्रशासनिक प्रयासों और जनता की सहभागिता से जल सुरक्षा का प्रभावी एवं अनुकरणीय मॉडल तैयार किया जा सकता है।
चाणक्य न्यूज़ इंडिया
हिमांशु शुक्ला
बलौदाबाजार-भाटापारा
क्रमांक/13

