हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में स्थित ‘बिजली महादेव मंदिर’ अपनी एक अनोखी घटना के लिए जाना जाता है। यहाँ हर 12 साल में आसमान से सीधेw शिवलिंग पर बिजली गिरती है। इस जोरदार आघात से गर्भगृह में स्थापित शिवलिंग पूरी तरह चकनाचूर होकर टुकड़ों में बिखर जाता है।
स्थानीय मान्यता है कि भगवान शिव बिजली का यह भयंकर झटका स्वयं पर झेलकर लोगों की रक्षा करते हैं। शिवलिंग के खंडित होने के बाद मंदिर के पुजारी इसके सभी टुकड़ों को इकट्ठा करते हैं। इन टुकड़ों को वापस जोड़ने के लिए सत्तू और बिना नमक वाले मक्खन का एक खास गाढ़ा लेप तैयार किया जाता है।

पुजारी इस लेप की मदद से टुकड़ों को आपस में जोड़ते हैं। बिना किसी सीमेंट या गोंद के इस्तेमाल के, कुछ ही दिनों के भीतर टूटा हुआ शिवलिंग वापस अपने पुराने और ठोस रूप में जुड़ जाता है। मंदिर में बिजली गिरने और शिवलिंग के फिर से जुड़ने की यह पूरी प्रक्रिया हर 12 साल में नियमित रूप से दोहराई जाती है, जो आज भी एक रहस्य बनी हुई है।विवेक त्रिपाठी स्टेट हेड चाणक्य न्यूज इंडिया उत्तराखंड
