घिनौने आरोपों से घिरी दिलावलपुर पुलिस चौकी! इंसानियत शर्मसार, खाकी पर उठे गंभीर सवाल
बाराबंकी (असंद्रा)। असंद्रा थाना क्षेत्र की दिलावलपुर पुलिस चौकी इन दिनों गंभीर आरोपों के चलते चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि चौकी पर कानून व्यवस्था से अधिक मनमानी, कथित भ्रष्टाचार और लापरवाही का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि फरियादी न्याय की उम्मीद लेकर चौकी पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें समय पर सुनवाई के बजाय निराशा और कथित दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ता है।
सबसे गंभीर आरोप कल्याणी नदी में मिले एक अज्ञात शव को लेकर लगाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि शव मिलने के बाद पुलिस ने समय पर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं की। आरोप है कि शव को सुरक्षित रखकर पोस्टमार्टम व अन्य विधिक कार्रवाई के लिए भेजने के बजाय लंबे समय तक खुले स्थान पर छोड़ दिया गया। इसी दौरान आवारा कुत्तों द्वारा शव को नोचे जाने की बात सामने आई, जिससे क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। यदि जांच में ये आरोप सही साबित होते हैं, तो यह न केवल गंभीर प्रशासनिक लापरवाही होगी बल्कि मृतक की गरिमा और पुलिस की संवेदनशीलता पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न होगा।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि दिलावलपुर पुलिस चौकी की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। लोगों का कहना है कि चौकी का संचालन एक दीवान के प्रभाव में चलता है और बिना उसकी मर्जी के कोई कार्य नहीं होता। कुछ लोगों ने कथित अवैध वसूली और मनमाने व्यवहार के भी आरोप लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। उनका आरोप है कि आम फरियादियों की शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती, जबकि प्रभावशाली लोगों के मामलों में तेजी दिखाई जाती है। इससे आम जनता का पुलिस व्यवस्था पर विश्वास कमजोर होता जा रहा है।
घटना के बाद क्षेत्र में लोगों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी विभागीय तथा कानूनी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि मृतक के साथ अमानवीय व्यवहार हुआ है, तो यह कानून और मानवता—दोनों के विरुद्ध गंभीर मामला है।
अब पूरे जिले की निगाहें बाराबंकी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों पर टिकी हैं। क्षेत्रीय नागरिकों का सवाल है कि क्या इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाएगी, या मामला केवल जांच के नाम पर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
जनता के सवाल
क्या दिलावलपुर पुलिस चौकी पर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी?
यदि शव के साथ लापरवाही हुई, तो जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर क्या कार्रवाई होगी?
क्या आम जनता का पुलिस पर भरोसा बहाल करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे
