सनातन धर्म की रक्षा, विश्व जनकल्याण एवं सर्व मनोकामना पूर्ति हेतु अनन्त पार्थिव शिवलिंग निर्माण अभिषेक एवं विसर्जन महायज्ञ आठवें दिवस भी अनवरत जारी
सनातन धर्म की रक्षा, विश्व जनकल्याण एवं सर्व मनोकामना पूर्ति हेतु अनन्त पार्थिव शिवलिंग निर्माण अभिषेक एवं विसर्जन महायज्ञ आठवें दिवस भी अनवरत जारी
*भगवान शिव योग, ध्यान और कला के आदि गुरु हैं जो कैलाश पर रहकर भी गृहस्थ और तपस्वी दोनों रूप में पूजे जाते हैं- श्री कौशल्यानन्द गिरि टीनामाँ*
प्रयागराज 6 अगस्त- सनातन धर्म की रक्षा विश्व जनकल्याण सम्पूर्ण मनोकामना पूर्ति हेतु जारी अनन्त पार्थिव शिवलिंग निर्माण अभिषेक एवं विसर्जन महायज्ञ भक्तिमय भजन संध्या एवं महाशिवपुराण कथा का कार्यक्रम नैतिक विकास शोध संस्थान सेवा ट्रस्ट प्रयाग के तत्वावधान में संगमतट त्रिवेणी बाँध स्थित श्री गायत्री यज्ञशाला मन्दिर हण्डिया बाबा योगालय के बगल पूरे विधि विधान के साथ आठवें दिन भी अनवरत जारी। आज मुख्य जजमान के रूप में श्रीमती रामरति, जान्हवी पाण्डेय एवं मानवी पाण्डेय आदि ने उपस्थित हो कर सुबह से शाम तक क्रमशः पार्थिव शिवलिंग का कमल पुष्प, बेलपत्रों, हल्दी-चन्दन आदि से श्रृंगार करते हुए अभिषेक, पूजन आरती किया। यज्ञ के आठवें दिवस में आशीर्वाद एवं श्री आचार्य महामण्डलेश्वर कौशल्यानन्द गिरि टीना माँ (अध्यक्ष सनातनी किन्नर कल्याण बोर्ड) ने यज्ञस्थल पर उपस्थित हो कर भूतभावन भगवान भोलेनाथ की आरती किया और भक्तों को शिव जी की महिमा के बारे में बताया उन्होंने कहा की भगवान शिव योग, ध्यान और कला के आदि गुरु हैं जो कैलाश पर रहकर भी गृहस्थ और तपस्वी दोनों रूप में पूजे जाते हैं। भगवान शिव का अर्धनारीश्वर स्वरूप शिव (पुरुष) और शक्ति (प्रकृति) के पूर्ण मिलन, समानता और अटूट सम्बन्ध को दर्शाता है। इस दिव्य रूप में दायां भाग शिव का और बायां भाग माता पार्वती का होता है, जो यह संदेश देता है कि ब्रह्मांड के सृजन और संतुलन के लिए नर और नारी दोनों समान रूप से आवश्यक और एक-दूसरे के पूरक हैं। यज्ञ संयोजक एवं संस्था के संस्थापक अध्यक्ष श्री श्याम सूरत पाण्डेय ने कहा की भगवान भोलेनाथ को महाकाल भी कहा जाता है जो समय और काल के भी स्वामी, जो भक्तों के सारे भय हर लेते हैं भगवान शिव आशुतोष है जो बहुत जल्दी अपने भक्तों की पुकार सुनते हैं और उन्हें वरदान देते हैं। संस्था के प्रवक्ता एवं महासचिव नैतिक विकास शोध संस्थान सेवा ट्रस्ट सत्य प्रकाश पाण्डेय ने कहा की भगवान शिव की महिमा अपरंपार है, जो आशुतोष, भोलेनाथ और देवों के देव महादेव के रूप में पूजे जाते हैं। वे मात्र एक लोटा जल और बेलपत्र से ही प्रसन्न होने वाले सबसे दयालु देवता हैं इसलिए समस्त प्रयागवासियों एवं शिवभक्तों को कार्यक्रम में उपस्थित होकर पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं पूजन करना चाहिए। पूरे सावन मास तक अनवरत चलने वाले कार्यक्रम के आठवें दिवस में मुख्य रूप से डॉ सत्या पाण्डेय, राजनाथ तिवारी, अमरेन्द्र मिश्रा मुन्ना, राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय, वरिष्ठ समाजसेवी श्री बब्बन दुबे जी, अधिवक्ता दुर्गेश दुबे, राजेन्द्र तिवारी दुकानजी, अधिवक्ता सत्य प्रकाश पाण्डेय, अधिवक्ता देवेन्द्र मिश्र नगरहा, रामनरेश तिवारी पिण्डीवासा, आशा पाण्डेय, मधुबाला पाण्डेय, संजय मिश्र सहित सैकड़ों भक्तगण उपस्थित रहे।
