राशिद खांन चांद ब्यूरो हेड सीतापुर नजूल भूमि के मुरली निवास पर प्रशासन की नजर, पट्टेदारों को 15 दिन में जवाब देने के निर्देश
राशिद खांन चांद ब्यूरो हेड सीतापुर
नजूल भूमि के मुरली निवास पर प्रशासन की नजर, पट्टेदारों को 15 दिन में जवाब देने के निर्देश
सीतापुर। शहर के तामसेनगंज मोहल्ले में स्थित ऐतिहासिक मुरली निवास को लेकर प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। नजूल भूमि पर कब्जे की शिकायत के बाद डीएम न्यायालय में चल रहे प्रकरण के तहत मंगलवार को प्रशासनिक टीम ने परिसर में नोटिस चस्पा किया। संबंधित पट्टेदारों को 15 दिन के भीतर अपना पक्ष और संबंधित अभिलेख डीएम न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन के मुताबिक मुरली निवास करीब दो बीघा क्षेत्रफल में फैला है और इसकी अनुमानित मौजूदा कीमत करीब चार करोड़ रुपये बताई जा रही है। ऐतिहासिक दृष्टि से भी इसका विशेष महत्व है। मुरली निवास को स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े प्रमुख व्यक्तित्व आचार्य नरेंद्र देव की जन्मभूमि के रूप में जाना जाता है।
15 अगस्त को हुई थी शिकायत
मुरली निवास की नजूल भूमि को लेकर 15 अगस्त को दिनेश जायसवाल ने प्रशासन से शिकायत की थी। शिकायत के बाद राजस्व स्तर पर मामले की जांच की गई। इसके आधार पर प्रकरण डीएम न्यायालय में दर्ज कर संबंधित पट्टेदारों को नोटिस जारी किया गया है।
नायब तहसीलदार सदर विवेक तिवारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर डीएम न्यायालय में मामला चल रहा है। पट्टेदारों को अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। जवाब और उपलब्ध राजस्व अभिलेखों की जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल प्रशासन की ओर से नोटिस चस्पा किए जाने के बाद मुरली निवास से जुड़े नजूल भूमि प्रकरण को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब संबंधित पक्ष के जवाब और राजस्व अभिलेखों की जांच के बाद मामले की अगली स्थिति स्पष्ट होगी।
