स्वरोजगार लोन के लिए बैंकों के चक्कर काटने से मिलेगी मुक्ति: SLBC बैठक में CM धामी का बड़ा निर्देश; ‘तकनीकी कमी’ बताकर निरस्त नहीं होंगे आवेदन, पहाड़ी जिलों में लगेंगे विशेष कैंप!
देहरादून (Aapki Media): उत्तराखंड में युवाओं, किसानों, महिलाओं और स्थानीय छोटे व्यापारियों को अपना नया काम या स्टार्टअप शुरू करने के लिए बैंकों से लोन लेने में अब दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की 97वीं बैठक में सख्त लहजे में बैंकों को निर्देश दिए हैं कि वे सरकारी योजनाओं के लोन आवंटन में आम जनता के प्रति अपनी भूमिका को सक्रिय और मददगार बनाएं।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के शानदार आंकड़े सामने आए, जिसमें वार्षिक ऋण योजना में करीब 96% और एमएसएमई (MSME) क्षेत्र में 111% की रिकॉर्ड ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई है, जो उत्तराखंड की मजबूत होती अर्थव्यवस्था का लाइव प्रमाण है।
📉 इन 6 पहाड़ी जिलों के लचर ‘लोन रेशियो’ पर भड़के CM; जिला प्रशासन व लीड बैंक संभालेंगे कमान:
मुख्यमंत्री ने राज्य में ऋण-जमा अनुपात (CD Ratio) को राष्ट्रीय औसत तक पहुंचाने का लक्ष्य तय करते हुए 6 पहाड़ी जिलों के आंकड़ों पर गहरी नाराजगी जताई:
🏔️ ये हैं वो 6 जिले: बागेश्वर, पौड़ी, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और टिहरी।
🎪 लगेंगे नियमित लोन शिविर: इन जिलों में कम लोन बांटे जाने पर सीएम ने निर्देश दिए कि जिला प्रशासन, लीड बैंक और संबंधित विभाग मिलकर गांव-गांव में नियमित विशेष शिविर (Loan Camps) लगाएं, पात्र लाभार्थियों की पहचान करें और समय पर ऋण उपलब्ध कराएं।
📜 “रिजेक्ट मत करो, मार्गदर्शन करो” — आवेदकों के लिए मुख्यमंत्री का बड़ा संवेदनशील फैसला!
अक्सर देखा जाता है कि बैंक छोटे-मोटे टेक्निकल कारणों से स्वरोजगार के आवेदनों को निरस्त (Reject) कर देते हैं, जिससे युवा निराश हो जाते हैं। इसपर सीएम धामी ने बैंकों को कड़ा आदेश दिया है:
“अगर किसी युवा या महिला के स्वरोजगार आवेदन में कोई तकनीकी कमी है, तो उसे सीधे निरस्त करने के बजाय बैंक अधिकारी संबंधित व्यक्ति का खुद मार्गदर्शन करें और उसकी कमियों को दूर करवाकर लोन पास करवाएं। बैंकों को केवल पैसा जमा करने का केंद्र नहीं, बल्कि पहाड़ के विकास का माध्यम बनना होगा।”
सीएम ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना-2.0, वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना, होम-स्टे योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा व मुद्रा योजना और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) जैसी फ्लैगशिप योजनाओं में लोन को प्राथमिकता के आधार पर जारी करने को कहा है।
🚨 साइबर ठगों पर कड़ा प्रहार: हेल्पलाइन 1930 से सीधे जुड़ेंगे 4 बड़े बैंक!
बैठक में मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने जनता को साइबर अपराधों से बचाने के लिए एक बेहद क्रांतिकारी फैसला लिया है:
📞 त्वरित फ्रीज होगा पैसा: डिजिटल पेमेंट को गांव-गांव पहुंचाने के साथ ही साइबर ठगी की शिकायतों पर तुरंत एक्शन के लिए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 से अब भारतीय स्टेट बैंक (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB), ICICI बैंक और HDFC बैंक के प्रतिनिधियों को लाइव लिंक किया जा रहा है, ताकि ठगी होते ही बदमाशों के बैंक खातों को तत्काल ब्लॉक किया जा सके।
👥 उत्तराखंड के विकास को रफ्तार देने वाले ये शीर्ष अधिकारी रहे मौजूद:
इस महा-बैठक में प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री दिलीप जावलकर, श्री नितेश झा, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, श्री विनय शंकर पाण्डेय, आरबीआई (RBI) के क्षेत्रीय निदेशक श्री अरविंद कुमार, नाबार्ड के जीएम पंकज यादव और आईएयू (IAU) के अध्यक्ष पंकज गुप्ता सहित देश के सबसे बड़े बैंकों के शीर्ष प्रबंधकों ने हिस्सा लिया।
💬 जनता की अदालत: स्वरोजगार और उद्योग लगाने के लिए उत्तराखंड के पहाड़ी युवाओं को लोन देने में बैंकों द्वारा की जाने वाली आनाकानी को रोकने और ‘आवेदनों को रिजेक्ट न कर मार्गदर्शन करने’ वाले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस सख्त निर्देश पर आपकी क्या राय है?
पहाड़ में रोजगार और रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने के लिए बैंकों का लचीला और सहयोगी रवैया होना सबसे ज्यादा जरूरी है।
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