ओडिशा के पुरी में स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर की 22 सीढ़ियों (बैसी पहाचा) में से तीसरी सीढ़ी बेहद रहस्यमयी मानी जाती है। इसे ‘यमशिला’ कहा जाता है।
मान्यता है कि मंदिर में प्रवेश करते हुए या लौटते समय यदि कोई भक्त गलती से इस सीढ़ी पर पैर रख दे, तो उसके सभी संचित पुण्य नष्ट हो जाते हैं। यही कारण है कि स्थानीय लोग और बड़े-बड़े भक्त इस सीढ़ी पर कदम रखने से बचते हैं।https://youtu.be/JvxC5yeOAh0
पौराणिक कथा के अनुसार, कलयुग में भगवान जगन्नाथ के दर्शन मात्र से लोगों को पापमुक्त होते देख यमराज चिंतित हो गए थे। उन्हें लगा कि इससे कर्म और फल का संतुलन बिगड़ जाएगा।
उनकी इस चिंता को दूर करने के लिए भगवान जगन्नाथ ने यमराज को मंदिर की तीसरी सीढ़ी पर स्थान ग्रहण करने को कहा। तब से इस सीढ़ी पर मृत्यु के देवता यमराज का वास माना जाता है। इसलिए इसे यमशिला का नाम दिया गया और इस पर पैर रखने से बचने की परंपरा है।विवेक त्रिपाठी स्टेट हेड चाणक्य न्यूज इंडिया 
