पीड़ितों को न्याय में देरी पर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग सख्त: देहरादून में निदेशक उत्तम प्रकाश की महा-समीक्षा; 60 दिन से लटकी पुलिस जांच पर जताई नाराजगी, दिए कड़े निर्देश!

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देहरादून (Aapki Media): अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) वर्ग के हितों की रक्षा और उन्हें समयबद्ध न्याय दिलाने के लिए केंद्र सरकार की संवैधानिक संस्था पूरी तरह एक्शन मोड में है। आज देहरादून के विकास भवन सभागार में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (भारत सरकार) के निदेशक श्री उत्तम प्रकाश ने एक बेहद महत्वपूर्ण हाई-लेवल समीक्षा बैठक ली।
बैठक में एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मुकदमों, लंबित जांचों और पीड़ितों को मिलने वाली आर्थिक सहायता की कछुआ चाल पर निदेशक ने कड़ा रुख अपनाया और अधिकारियों को ऑन-स्पॉट डेडलाइन जारी की।

🚨 60 दिन से ज्यादा लंबित पुलिस जांच पर जताया खेद; दिए ये 5 कड़े निर्देश:https://youtu.be/k8pXI6YaIiE

समीक्षा के दौरान पीड़ितों को त्वरित न्याय और तत्काल राहत पहुंचाने के लिए निदेशक उत्तम प्रकाश ने पुलिस और समाज कल्याण विभाग को सख्त हिदायत दी:

⏱️ पुलिस को 60 दिन का अल्टीमेटम: बैठक में ऐसे मामलों पर गहरा खेद व्यक्त किया गया जिनकी पुलिस जांच 60 दिनों से अधिक समय से लटकी हुई है। निदेशक ने दो टूक कहा कि कानून के प्रावधानों के अनुसार हर हाल में 60 दिनों के भीतर जांच पूरी की जाए, इसमें कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।

💰 आर्थिक सहायता में देरी न हो: पीड़ितों को मिलने वाले मुआवजे/आर्थिक सहायता में बजट का रोड़ा न अटके, इसके लिए समाज कल्याण विभाग को तुरंत निदेशालय से कॉर्डिनेट कर बजट जारी करने और तत्काल भुगतान के आदेश दिए गए।

📑 3 दिन में बैंक खाता और जाति प्रमाण पत्र दें: समीक्षा में सामने आया कि एक पीड़ित का बैंक खाता और जाति प्रमाण पत्र न होने से सहायता राशि रुकी है। इस पर डिप्टी एसपी (DSP) को निर्देश दिए गए कि 3 दिन के भीतर ये दस्तावेज समाज कल्याण विभाग को मुहैया कराएं।

🗺️ जमीन विवादों की लिस्ट DM को सौंपें: एससी/एसटी वर्ग की भूमि से जुड़े जितने भी विवादित या लंबित मामले हैं, उनकी सूची तुरंत जिलाधिकारी (DM) के संज्ञान में लाकर 10 दिनों के भीतर उसकी अद्यतन (अपडेटेड) स्थिति रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए।

👥 सतर्कता समिति का गठन: परगना (तहसील) स्तर पर विजिलेंस एवं मॉनिटरिंग कमेटियों का तत्काल गठन कर उनकी बैठकें फौरन आयोजित करने को कहा गया है।

👮 बैठक में ये आला अफसर रहे मुस्तैद:

इस गंभीर समीक्षा बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी श्री दीपांकर घिल्डियाल, पुलिस उपाधीक्षक (DSP) श्री जितेंद्र चौधरी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी श्री नरेश धारकोटी तथा लेखाकार श्री उत्तम सिंह सहित पुलिस और प्रशासन के तमाम संबंधित अधिकारी लाइव मौजूद रहे।

निदेशक श्री उत्तम प्रकाश ने अंत में कहा कि सभी विभाग आपस में मजबूत समन्वय (Coordination) बनाकर काम करें ताकि समाज के इस वर्ग को समय पर न्याय, सुरक्षा और आर्थिक संबल मिल सके।

💬 जनता की अदालत: एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम (Atrocities Act) के तहत दर्ज मुकदमों की जांच 60 दिन के भीतर अनिवार्य रूप से पूरी करने और पीड़ितों की मुआवजा राशि सीधे उनके खातों में तुरंत भेजने के राष्ट्रीय आयोग के इन कड़े निर्देशों पर आपकी क्या राय है?

न्याय मिलने में देरी होना भी एक तरह का अन्याय है, ऐसे में केंद्रीय आयोग का देहरादून आकर सीधे अधिकारियों की जवाबदेही तय करना एक बड़ा कदम है।विवेक त्रिपाठी स्टेट हेड चाणक्य न्यूज इंडिया उत्तराखंड

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लोकेशन बांदाउत्तर प्रदेश रिपोर्टर मोहम्मद हुसैन ब्यूरो चीफ *जिलाधिकारी की अध्यक्षता में 1200 से अधिक मतदाताओं वाले मतदेय स्थलों के सम्भाजन के संबंध में बैठक संपन्न*। आज दिनांक 26.10.2026 को जिलाधिकारी बाँदा श्री अमित आसेरी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार, बाँदा में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आहूत की गई। बैठक में भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उ०प्र० लखनऊ के पत्र दिनांक 16 अक्टूबर, 2026 के क्रम में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अन्तर्गत 1200 से अधिक मतदाताओं वाले मतदेय स्थलों के सम्भाजन (Rationalization) के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में जिलाधिकारी महोदय द्वारा निम्न बिंदुओं पर निर्देश दिये गये – 1. एक पोलिंग स्टेशन लोकेशन पर मतदेय स्थलों के मध्य यथासंभव उचित संख्या में मतदाता हों, कोई भी परिवार न टूटे तथा परिवार के सभी सदस्य एक ही अनुभाग एवं एक ही स्थान पर रखे जायें। 2. विधानसभा क्षेत्रवार मतदेय स्थलों को रनिंग सीरियल नंबर दिये जायेंगे, नई सूची में कोई भी ऑक्जिलरी (सहायक) मतदेय स्थल नहीं रहेगा। 3. जिन मतदेय स्थलों पर मतदाता संख्या मानक से कम है उनका तार्किक विश्लेषण कर निकटतम स्थलों में समायोजित किया जाये, 300 से कम मतदाता वाले स्थल को रखने के कारणों का स्पष्ट उल्लेख किया जाये। 4. जर्जर, अत्यधिक पुराने व अस्थायी भवनों वाले मतदेय स्थलों को उसी मतदान क्षेत्र के स्थायी भवन में स्थानांतरित किया जाये। 5. मुख्य गांव/बस्ती से अत्यधिक दूरी पर स्थित मतदेय स्थलों को हटाकर सुविधाजनक भवन में स्थापित किया जाये तथा मतदेय स्थल की दूरी 02 कि०मी० से अधिक न हो। 6. निजी भवन, दुकान/व्यवसायिक प्रतिष्ठान, व्यक्तिगत सामुदायिक केन्द्र/विवाह घर अथवा राजनैतिक व्यक्ति के स्वामित्व वाले भवनों में स्थित मतदेय स्थलों हेतु विकल्प तलाश कर शासकीय भवन में स्थानांतरित किया जाये। 7. चूंकि वर्ष 2027 में विधान सभा सामान्य निर्वाचन होना है, अतः सम्भाजन के पश्चात स्थान में अंतिम क्षणों में परिवर्तन न हो, यह सुनिश्चित किया जाये। जिलाधिकारी ने बताया कि राजनैतिक दलों से प्राप्त सुझाव/आपत्तियों का निस्तारण कर दिनांक 27-10-2026 को प्रस्ताव मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उ०प्र० लखनऊ के माध्यम से आयोग को अनुमोदन हेतु भेजा जायेगा। अतः सभी दलों से अपील की जाती है कि आलेख्य सूची-2026 पर यदि कोई सुझाव/शिकायत हो तो दिनांक 26-10-2026 तक जिला निर्वाचन कार्यालय में लिखित रूप से उपलब्ध करायें। जनपद बाँदा में वर्तमान एवं प्रस्तावित मतदेय स्थलों का विवरण निम्नवत है – जनपद में कुल 4 विधानसभा क्षेत्र हैं, जिनमें कुल 829 मतदान केन्द्र एवं 1537 मतदेय स्थल हैं। कुल मतदाताओं की संख्या 12,33,794 है जिसमें पुरुष मतदाता 6,83,754, महिला 5,50,005 एवं अन्य 35 हैं। – *232-तिंदवारी:* केन्द्र 221, स्थल 396, 1200 से अधिक वाले 10, समायोजित 01, भवन परिवर्तन 05, कुल मतदाता 3,10,949 – *233-बबेरू:* केन्द्र 223, स्थल 387, 1200 से अधिक वाले 0, समायोजित 04, भवन परिवर्तन 04, कुल मतदाता 3,16,706 – *234-नरैनी (अ०जा०):* केन्द्र 238, स्थल 413, 1200 से अधिक वाले 06, समायोजित 0, भवन परिवर्तन 02, कुल मतदाता 3,23,567 – *235-बाँदा:* केन्द्र 147, स्थल 341, 1200 से अधिक वाले 09, समायोजित 04, भवन परिवर्तन 01, कुल मतदाता 2,82,572 बैठक में अपर जिलाधिकारी न्यायिक श्री माया शंकर यादव, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, समस्त उप जिलाधिकारी, एवं मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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लोकेशन बांदाउत्तर प्रदेश रिपोर्टर-मोहम्मद हुसैन ब्यूरो चीफ *➡️थाना साइबर क्राइम पुलिस द्वारा IPO में अधिक मुनाफे का लालच देकर साइबर ठगी का शिकार हुए पीड़ित के खाते में कुल ₹2,00,000 की धनराशि कराई गई वापस ।* *विवरण-* पुलिस अधीक्षक बांदा श्री पलाश बंसल के कुशल निर्देशन में साइबर क्राइम पुलिस थाना बांदा टीम द्वारा साइबर धोखाधड़ी में त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए पीड़ित की कुल ₹2,00,000/- (दो लाख रुपये) की धनराशि वापस कराई गई । साइबर ठगी के मामले में पीड़ित की धनराशि वापस कराए जाने के संबंध में पुलिस अधीक्षक बांदा द्वारा साइबर क्राइम पुलिस थाना टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे, जिसके क्रम में टीम द्वारा तत्परता से कार्यवाही की गई । गौरतलब हो कि थाना कोतवाली नगर क्षेत्र निवासी संतोष कुमार द्विवेदी को साइबर ठगों द्वारा शेयर बाजार में IPO (Initial Public Offering) में निवेश करने तथा कम समय में अधिक मुनाफा कमाने का लालच दिया गया । ठगों के झांसे में आकर आवेदक से कुल ₹2,00,000/- (दो लाख रुपये) की धनराशि की ठगी कर ली गई । जिसके संबंध में आवेदक द्वारा NCRP पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई गई थी । शिकायत प्राप्त होने पर साइबर क्राइम पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए पूरी ₹2,00,000/- की धनराशि वापस कराई गई । *जनपद बांदा पुलिस आमजन से अपील करती है कि शेयर बाजार, IPO अथवा अन्य निवेश योजनाओं में अधिक मुनाफा दिलाने का लालच देने वाले अज्ञात व्यक्तियों एवं फर्जी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से सतर्क रहें । निवेश करने से पूर्व संबंधित प्लेटफॉर्म एवं कंपनी की प्रमाणिकता की जांच अवश्य करें । किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं ।* *वापस करायी गई धनराशि-* ▪️कुल ₹2,00,000रुपए । *टीम का विवरण-* 1. श्री सुखराम सिंह प्र0नि0 थाना साइबर क्राइम पुलिस 2. उ0नि0 श्री प्रदीप कुमार सिंह 3. कां0 राजीव कुमार 4. कां0 हिमांशु वर्मा 5. कां0 ललित कुमार 6. कां0 राजेन्द्र परिहार 7. म0कां0 ज्योति उपाध्याय