राजस्व विवाद के बीच निजी रास्ते पर कार्रवाई का आरोप, महिला से अभद्रता और सार्वजनिक मार्ग पर अतिक्रमण की शिकायत
गाजीपुर, 22 जुलाई। कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम सोनहुलिया उर्फ बकुलियापुर निवासी लालजी चौहान ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि न्यायालय में विचाराधीन भूमि विवाद के बावजूद उनके निजी रास्ते पर कार्रवाई की गई, जबकि सार्वजनिक रास्ते पर कथित अतिक्रमण को हटाने के बजाय उसे संरक्षण दिया जा रहा है।
शिकायत के अनुसार, अपर उपजिलाधिकारी गाजीपुर द्वारा धारा 95 के बंटवारे में उन्हें सबसे दक्षिण दिशा में हिस्सा तथा आने-जाने के लिए 10 फीट चौड़ा निजी रास्ता आवंटित किया गया था। सहखातेदार रामधारी चौहान ने इस आदेश के विरुद्ध राजस्व परिषद में अपील दाखिल कर रखी है, जो अभी विचाराधीन है। ऐसे में मामले के लंबित रहने के दौरान निजी रास्ते पर किसी प्रकार की कार्रवाई उचित नहीं थी।
लालजी चौहान का आरोप है कि इसके बावजूद 20 जुलाई 2026 को लगभग शाम 4 बजे हल्का पुलिस, लेखपाल, कानूनगो तथा नायब तहसीलदार की मौजूदगी में उनके निजी रास्ते पर रखी ईंटों को तोड़कर हटाया गया। उन्होंने कहा कि जब उनकी पत्नी और अन्य महिलाओं ने इसका विरोध किया तो उनके साथ कथित रूप से अभद्रता और अशोभनीय व्यवहार किया गया। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि अधिकारियों की मौन सहमति से उन्हें गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देकर डराने का प्रयास किया गया।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि विवादित निजी रास्ते पर कार्रवाई की गई, जबकि पास में स्थित खाता संख्या 96 में वर्षों से चला आ रहा गांव समाज का सार्वजनिक खड़ंजा मार्ग, जिस पर कथित अतिक्रमण है, उसे खाली नहीं कराया गया। प्रार्थी का कहना है कि जिलाधिकारी द्वारा सार्वजनिक मार्ग से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए जाने के बावजूद स्थानीय स्तर पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई और आज भी रामधारी चौहान द्वारा सार्वजनिक गली में निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
लालजी चौहान ने आरोप लगाया कि स्थानीय राजस्व कर्मियों और पुलिस पर प्रभाव डालकर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होने दी जा रही है। उन्होंने मांग की है कि मामले की जांच नायब तहसीलदार, लेखपाल और कानूनगो के अतिरिक्त किसी अन्य सक्षम अधिकारी से कराई जाए, सार्वजनिक रास्ते से कथित अतिक्रमण तत्काल हटाया जाए तथा घटना में शामिल दोषियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाए।
हालांकि, इन सभी आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। प्रशासन या आरोपित पक्ष की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
