महाराष्ट्र/पुणे:-मानवता, करुणा और निस्वार्थ सेवा की मिसाल पेश करते हुए पुणे के निकट स्थित ‘महेर’ संस्था ने समाज के वंचित, बेसहारा और शोषित वर्ग के लिए उम्मीद की एक नई किरण जगाई है। सिस्टर लूसी कुरियन द्वारा वर्ष 1997 में स्थापित यह संस्था आज हजारों महिलाओं, अनाथ बच्चों और एकाकीपन का सामना कर रहे बुजुर्गों के लिए एक सुरक्षित मायका (महेर) बन चुकी है।
संकल्प की शुरुआत: एक दर्दनाक घटना से उपजा विचार। सिस्टर लूसी कुरियन के इस सेवा अभियान की नींव एक अत्यंत...
